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एक्सिस म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया ‘एक्सिस कंजम्पशन ईटीएफ’
मुख्य विशेषताएं-
• निफ्टी इंडिया कंजम्पशन इंडेक्स पर नज़र रखने वाला एक ओपन एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड
• एक ऐसा फंड जो निफ्टी इंडिया कंजम्पशन इंडेक्स शेयरों में निवेश करके रिटर्न को ट्रैक करना चाहता है और ट्रैकिंग एरर के अधीन बताए गए इंडेक्स के रिटर्न को हासिल करने का लक्ष्य रखता है।
• न्यूनतम निवेश (एनएफओ) रु. 5,000 और उसके बाद रु.1/- के गुणकों में
• बेंचमार्क- निफ्टी इंडिया कंजम्पशन टीआरआई इंडेक्स
• एनएफओ की तारीख- 30 अगस्त, 2021 से 13 सितंबर, 2021
मुंबई – भारत में सबसे तेजी से बढ़ते फंड हाउसों में से एक एक्सिस म्यूचुअल फंड ने आज अपना नया फंड- ‘एक्सिस कंजम्पशन ईटीएफ’ लॉन्च करने की घोषणा की। सोमवार, 30 अगस्त से खुलने वाला यह नया फंड ऑफर (एनएफओ) निफ्टी इंडिया कंजम्पशन इंडेक्स पर नज़र रखने वाला एक ओपन एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है।
नया फंड निफ्टी इंडिया कंजम्पशन इंडेक्स शेयरों के समूह में निवेश करके रिटर्न हासिल करने के लिए लंबी अवधि में धन सृजन से संबंधित सॉल्यूशन और लक्ष्य प्रदान करता है।
भारत की अर्थव्यवस्था में पहले से ही अगले दस वर्षों के लिए विकास संबंधी मजबूत संभावनाएं नजर आ रही हैं। नई सहस्राब्दी के पहले दो दशकों में भारत की वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत से बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गई है (स्रोत- मॉर्गन स्टेनली)। हमें विश्वास है कि निम्नलिखित संरचनात्मक कारकों को देखते हुए यह प्रवृत्ति अगले दशक तक जारी रहने की संभावना है-
ऽ आबादी संबंधी अनुकूल आंकड़े- संभावना है कि अगले 10 वर्षों में, 122 मिलियन और लोग कार्यबल में शामिल हो सकते हैं, जो भारत के वर्तमान कार्य बल के लगभग 20 प्रतिशत के बराबर है। (स्रोत- मॉर्गन स्टेनली)
ऽ वैश्वीकरण- यह बाहरी मांग और वित्तपोषण के सक्षम कारक प्रदान करता है, जिनका उपयोग विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
ऽ सुधार- सरकार 1990 के दशक की शुरुआत में भारत द्वारा शुरू किए गए सुधारों को जारी रखे हुए है। सुधारों की यह प्रक्रिया व्यापार करने में आसानी, एफडीआई, सरकारी वित्त, कराधान, बुनियादी ढांचे और राज्यों के लिए अधिक स्वायत्तता से संबंधित है।
हमारे विचार में डिजिटाइजेशन के कारण विकास की इस प्रक्रिया को और बढ़ावा मिल सकता है। डिजिटलीकरण के कारण दो तरह के परिवर्तन अवश्यंभावी हैं- 1) नीतिगत पहल जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रही हैं और 2) टैक्नोलॉजी संबंधी परिवर्तन जो जनता और छोटे उद्यमों के लिए वित्तीय सेवाएं देने की लागत को कम कर रहे हैं। ये, सभी के लिए रोजगार पर सरकार के फोकस के साथ, विकास को और अधिक समावेशी बना देंगे, जो बदले में हमें भारत के विकास के दृष्टिकोण के बारे में अधिक आश्वस्त करता है।
विकास संबंधी इस प्रक्रिया में कंजम्पशन एक प्रमुख फैक्टर है। एक आकांक्षी आबादी के चलते खपत के मामले में आज देश चीन के बाद सबसे बड़ी विकास संभावना के रूप में नजर आ रहा है। जैसे-जैसे औसत आय बढ़ती है, भारतीय परिवारों के लिए विवेकाधीन खर्चों में तेजी से बढ़ने की संभावना है, जिसमें मनोरंजन, सैर-सपाटा, कंज्यूमर एप्लायंसेज और प्रोपर्टी संबंधी सेगमेंट में बड़े पैमाने पर खर्च बढ़ने की संभावनाएं नजर आ रही हैं।
इस वृद्धि के परिणामस्वरूप पहले ही विभिन्न क्षेत्रों में कई बी2सी व्यवसायों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस प्रदर्शन का एक संकेतक निफ्टी इंडिया कंजम्पशन है। इंडेक्स में कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर, ऑटो, टेलीकॉम सर्विसेज, फार्मास्यूटिकल्स, होटल, मीडिया और एंटरटेनमेंट आदि जैसे क्षेत्रों में कंपनियों का एक विविध समूह शामिल है, जो आज भारत में आवश्यक और विवेकाधीन खर्चों के उपभोग को दर्शाता है। निफ्टी इंडिया कंजम्पशन इंडेक्स में फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन द्वारा 30 सबसे बड़ी खपत उन्मुख कंपनियां शामिल हैं।
भारतीय वित्तीय बाजारों में पेसिव इनवेस्टमेंट की संभावना काफी गति पकड़ चुकी है और इसके बने रहने की उम्मीद है। पेसिव इनवेस्टमेंट के लिए दो सबसे लोकप्रिय तरीके इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड हैं। पेसिव इनवेस्टमेंट निवेश संबंधी एक लो फ्रिक्शन रणनीति है, जो एक विशिष्ट सूचकांक को यथासंभव बारीकी से ट्रैक करती है। यह घटकों में सूचकांक के समान अनुपात में भाग लेता है और व्यापक बाजार ज्ञान पर भरोसा करके कुशलतापूर्वक कम लागत की रणनीति पर सुरक्षा चयन के जोखिम को दूर करता है।
लागत प्रभावी होने के अलावा, ईटीएफ निवेशकों को रीयल-टाइम कीमतों पर निवेश करने देते हैं, जबकि सेक्टर फंडों में दिन के आखिर में रहने वाली कीमतों को लागू किया जाता है। यह उनके निवेश को अल्पकालिक निवेशकों के इनफ्लो और आउटफ्लो से बचाता है। इसके अलावा, ईटीएफ परिसंपत्ति-श्रेणी से जुड़े प्रदर्शन को अर्जित करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं और इसे बाजारों में तत्काल जोखिम प्राप्त करने के लिए सबसे लचीले उपकरणों में से एक माना जाता है, जिससे नकदी का संतुलन होता है।
एनएफओ की लॉन्चिंग के अवसर पर एक्सिस एएमसी के एमडी और सीईओ श्री चंद्रेश निगम ने कहा, ‘एक्सिस एएमसी के रूप में हमारी पहचान एक जिम्मेदार फंड हाउस की है, जो बाजार में मजबूती से खड़ा है। हम अपने उपभोक्ताओं को विभिन्न किस्म के प्रोडक्ट्स प्रदान करने का प्रयास करते हैं जो संभावित रूप से गुणवत्ता से संचालित होते हैं और वर्तमान संदर्भ में दीर्घकालिक रिटर्न देने के साथ ही प्रासंगिक भी हैं। एक्सिस कंजम्पशन ईटीएफ के लॉन्च के माध्यम से, हमारा लक्ष्य अपने उपभोक्ताओं को एक ऐसा निवेश विकल्प प्रदान करना है, जिसमें विकास और मजबूत रिटर्न का प्रमाण हो। खपत बाजार मजबूत बना हुआ है, लोगों का रुझान बढ़ रहा है और पिछले कुछ दशकों में खपत में लगातार वृद्धि हुई है। हमारे निवेशक स्मार्ट हैं और पूरी तरह से डेटा द्वारा संचालित हैं, यह महत्वपूर्ण है कि हम निष्क्रिय निवेश में वृद्धि को स्पष्ट रूप से दिखाएं। मेरा मानना है कि एक्सिस कंजम्पशन ईटीएफ निवेशकों के लिए एक्सपोजर हासिल करने के साथ-साथ बाजार में स्थिर और सुरक्षित ग्रोथ को हासिल करने का एक अच्छा अवसर है।’’


